क्या आप भी उस खबर से उलझन में हैं जहाँ एक तरफ सिगरेट-गुटखा महंगे हो रहे हैं तो दूसरी तरफ बीड़ी सस्ती? हाल ही में सरकार द्वारा तंबाकू उत्पादों पर की गई GST दरों में बदलाव ने सबको हैरान कर दिया है। आखिर क्यों बीड़ी को मिली इस राहत का विशेषज्ञ विरोध कर रहे हैं? और क्या सच में सिगरेट की कीमतें कम हो जाएंगी?

चलिए, इस पूरे मामले का सरल और स्पष्ट भाषा में पता लगाते हैं।
क्या है नई GST नीति? (बड़े बदलाव)
वित्त मंत्रालय ने GST सुधारों के तहत तंबाकू उत्पादों पर कुछ बड़े फैसले लिए हैं, जो 2026 से लागू होंगे:
- सिगरेट, गुटखा, पान मसाला, जर्दा: इन सभी उत्पादों पर अब 28% के स्थान पर 40% GST लगेगा। यह एक बहुत बड़ी वृद्धि है।
- बीड़ी: यहाँ सरकार ने राहत देते हुए GST दर 28% से घटाकर सीधे 18% कर दी है।
- तेंदू पत्ता: बीड़ी बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेंदू पत्ते पर GST को भी कम करके मात्र 5% कर दिया गया है।
सबसे बड़ा सवाल: बीड़ी पर टैक्स कम क्यों?
यही वह बिंदु है जिसने सभी को चौंका दिया है। जब बाकी सभी तंबाकू उत्पाद महंगे हो रहे हैं, तो बीड़ी को छूट क्यों?
इसका जवाब सरकार के नज़रिए में छुपा है। सरकार का मानना है कि बीड़ी एक ‘सिन प्रोडक्ट’ (नशीला पदार्थ) नहीं है, बल्कि यह एक पारंपरिक और कम लागत वाला उत्पाद है। इसके विपरीत, सिगरेट और गुटखा जैसे उत्पादों को ‘सिन प्रोडक्ट’ की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए उन पर टैक्स ज्यादा है।
विशेषज्ञ इस फैसले से नाराज़ क्यों हैं?
स्वास्थ्य अर्थशास्त्री रिजो जॉन जैसे विशेषज्ञ इस फैसले से सहमत नहीं हैं। उनका तर्क है:
- बीड़ी भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला तंबाकू उत्पाद है।
- यह तंबाकू से होने वाली बीमारियों जैसे कैंसर का एक प्रमुख कारण भी है।
- GST काउंसिल को बीड़ी पर भी टैक्स 40% तक बढ़ाना चाहिए था ताकि लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हो सके। इससे पहले भी, बीड़ी पर GST कम रखा गया था।
क्या अब सिगरेट सस्ती हो जाएगी?
यह सवाल सबके मन में है। फिलहाल, जवाब थोड़ा पेचीदा है।
- वर्तमान में: सिगरेट आदि पर 28% GST के अलावा एक ‘सेस’ (उपकर) भी लगता है, जिससे कुल टैक्स 50-55% तक पहुँच जाता है।
- नई व्यवस्था में: अब 40% GST तय किया गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस पर अलग से सेस लगेगा भी या नहीं।
- अगर सेस नहीं लगा, तो हो सकता है सिगरेट की कीमतों पर असर पड़े। लेकिन अगर सेस लगा रहा, तो कीमतें ज्यादा नहीं बदलेंगी।
सबसे जरूरी बात: नई दरें कब लागू होंगी?
वित्त मंत्रालय ने इस उलझन को साफ किया है:
- बीड़ी पर नई 18% की दर 1 जनवरी, 2026 से लागू होगी।
- सिगरेट, गुटखा आदि पर 40% की नई दर 22 सितंबर, 2024 से ही लागू हो जाएगी।
- फिलहाल, सभी उत्पादों पर पुरानी दरें ही चलेंगी।
निष्कर्ष
सरकार का यह फैसला एक दोधारी तलवार की तरह है। एक तरफ, इसने बीड़ी जैसे पारंपरिक उद्योग को टैक्स में राहत देकर समर्थन दिया है, तो दूसरी तरफ इसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह है कि आने वाले समय में इसका बाजार और लोगों के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है।
क्या आपको लगता है बीड़ी पर भी सिगरेट के बराबर टैक्स लगना चाहिए? नीचे कमेंट में अपनी राय जरूर दें!
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