Delhi University :
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्रों और शिक्षकों के लिए नया शैक्षणिक सत्र 2025-26 कुछ बड़े बदलावों के साथ शुरू होने वाला है। चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (FYUP) के चौथे वर्ष में छात्रों की बढ़ती संख्या के चलते कई कॉलेजों को कक्षाओं का समय बढ़ाना पड़ रहा है, वीकेंड पर क्लासेज लगानी पड़ रही हैं, और कहीं-कहीं तो पोर्टेबल केबिनों में कक्षाएं संचालित की जाएंगी! आइए जानते हैं क्या हैं ये बदलाव और क्यों हो रहे हैं।
मुख्य कारण: FYUP का चौथा वर्ष
डीयू में तीन साल पहले लागू हुए चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम (FYUP) के पहले बैच के छात्र इस साल चौथे वर्ष में प्रवेश करेंगे। अनुमान है कि लगभग 60% छात्र चौथे साल में पहुंचेंगे। पहले तीन साल के डिग्री प्रोग्राम में केवल 6 सेमेस्टर होते थे, लेकिन अब सातवें और आठवें सेमेस्टर की पढ़ाई भी होनी है। इस अतिरिक्त बोझ को संभालने के लिए कॉलेजों को संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
क्या बदलाव आएंगे?
इस चुनौती से निपटने के लिए डीयू के कॉलेज निम्नलिखित कदम उठा रहे हैं:
- क्लास टाइमिंग में बढ़ोतरी:
- कई कॉलेजों में कक्षाओं का समय आधा घंटा तो कुछ में एक घंटे तक बढ़ाया जा रहा है।
- उदाहरण:
- रामानुजन कॉलेज: क्लासेज अब सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक (पहले शाम 5 बजे तक)।
- किरोड़ीमल कॉलेज: क्लासेज सुबह 8:40 बजे से शाम 5:40 बजे तक (पहले शाम 5 बजे तक)। छात्रों के 25 मिनट के ब्रेक को भी हटाया गया है।
- आर्यभट्ट कॉलेज: क्लासेज अब सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक (पहले सुबह 8:30 से शाम 5:30 तक)। आवश्यकता पड़ने पर सुबह 7:30 बजे से भी कक्षाएं शुरू हो सकती हैं।
- वीकेंड पर कक्षाएं (शनिवार/रविवार):
- कई कॉलेज अब छह दिन कक्षाएं चलाएंगे। यानी शनिवार को भी क्लासेज होंगी और रविवार की छुट्टी बनी रहेगी। पहले ज्यादातर कॉलेज पांच दिन ही कक्षाएं लगाते थे।
- पोर्टेबल केबिन क्लासरूम:
- कक्षाओं की भारी कमी को देखते हुए कई कॉलेज पोर्टा केबिन्स (Porta Cabins) में कक्षाएं लगाने की तैयारी कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि ये केबिन एयर कंडीशन्ड होंगे, ताकि छात्रों को गर्मी में दिक्कत न हो।
- अतिरिक्त कमरे और शिक्षक:
- आर्यभट्ट कॉलेज ने कमरों की कमी दूर करने के लिए अतिरिक्त कमरे बनवाए हैं।
- किरोड़ीमल कॉलेज सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) की मदद से सात नए कमरे बना रहा है।
- रामानुजन कॉलेज निर्माणाधीन ब्लॉक को जल्द पूरा करवाने के लिए दबाव बना रहा है और भविष्य के लिए HEFA (हायर एजुकेशन फाइनेंसिंग एजेंसी) से लोन के लिए भी आवेदन कर चुका है।
- अतिरिक्त वर्कलोड के लिए अतिथि शिक्षक (Guest Faculty) नियुक्त किए जा रहे हैं।
- कुछ कॉलेज ट्यूटोरियल्स की जगह मुख्य कक्षाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कॉलेज प्रशासन क्या कहता है?
- प्रो. रसाल सिंह (प्राचार्य, रामानुजन कॉलेज): “हम समय सारिणी को पुनर्नियोजित कर रहे हैं – समय बढ़ाकर और शनिवार को क्लासेज लगाकर। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हमने पहले ही कदम उठा लिए हैं।”
- प्रो. दिनेश खट्टर (प्राचार्य, किरोड़ीमल कॉलेज): “हमने क्लास टाइमिंग में एक घंटा बढ़ा दिया है और ब्रेक हटा दिया है। नए कमरे बनवाए जा रहे हैं और शिक्षकों के वर्कलोड का भी ध्यान रखा जा रहा है।”
- प्रो. मनोज सिन्हा (प्राचार्य, आर्यभट्ट कॉलेज): “समय बढ़ाने और छह दिन क्लासेज लगाने के साथ-साथ हमने अतिरिक्त कमरे भी बनवाए हैं ताकि किसी तरह की कमी न रहे।”
निष्कर्ष:
दिल्ली विश्वविद्यालय का नया सत्र निस्संदेह एक बड़े बदलाव के साथ आ रहा है। FYUP के चौथे वर्ष के सफल क्रियान्वयन के लिए कॉलेजों द्वारा समय बढ़ाना, वीकेंड क्लासेज लगाना और अस्थायी समाधानों जैसे पोर्टा केबिन्स का सहारा लेना एक व्यावहारिक कदम है। हालाँकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि ये बदलाव छात्रों की दिनचर्या और शैक्षणिक अनुभव को कैसे प्रभावित करते हैं। नए कमरों का निर्माण और अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति जैसे दीर्घकालिक उपाय भविष्य में संसाधनों की कमी को दूर करने में मददगार साबित हो सकते हैं। छात्रों को नई टाइमटेबल और व्यवस्थाओं के लिए खुद को तैयार रखना होगा।
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