
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के करीब 48 लाख कर्मचारियों और 67 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के लिए प्रतीक्षारत घड़ी अब समाप्त होने की दिशा में बढ़ रही है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। यह केवल एक वेबसाइट का लॉन्च नहीं है, बल्कि यह उस लंबी प्रक्रिया (8th pay commission) की शुरुआत है जो आने वाले समय में देश के लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति को नई दिशा देगी।
ऐतिहासिक कदम: सीधे कर्मचारियों से मांगी गई राय
आमतौर पर वेतन आयोगों की प्रक्रिया बंद कमरों में और फाइलों के आदान-प्रदान तक सीमित रहती थी, लेकिन इस बार सरकार ने पारदर्शिता और समावेशिता (Inclusivity) पर जोर दिया है। वेबसाइट के माध्यम से आयोग ने एक विस्तृत प्रश्नावली (Questionnaire) जारी की है। इसमें कुल 18 प्रश्न शामिल किए गए हैं, जो भविष्य के वेतन ढांचे, महंगाई भत्ते (DA) के कैलकुलेशन, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन की राशि जैसे गंभीर विषयों पर आधारित हैं। आयोग जानना चाहता है कि वर्तमान ‘पे-मैट्रिक्स’ में क्या खामियां हैं और इसे और अधिक न्यायसंगत कैसे बनाया जा सकता है।
प्रश्नावली के मुख्य बिंदु: किन मुद्दों पर होगा फोकस?
वेबसाइट पर मौजूद प्रश्नावली को चार प्रमुख भागों में बांटा गया है:
वेतन और भत्ते: क्या वर्तमान में मिलने वाला मूल वेतन (Basic Pay) आज की महंगाई के हिसाब से पर्याप्त है? फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को 2.57 से बढ़ाकर कितना किया जाना चाहिए?
पेंशन लाभ: पेंशनभोगियों के लिए ‘कम्यूटेशन’ की अवधि और फैमिली पेंशन की शर्तों में क्या सुधार की आवश्यकता है?
पदोन्नति और करियर: एमएसीपी (MACP) और प्रमोशन की समय सीमा पर कर्मचारियों की क्या राय है?
प्रोत्साहन: क्या प्रदर्शन के आधार पर वेतन वृद्धि (Performance-linked incentive) को बढ़ावा देना चाहिए?
16 मार्च 2026: एक महत्वपूर्ण समय सीमा
आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी हितधारकों, कर्मचारी संघों और व्यक्तिगत कर्मचारियों को अपने सुझाव 16 मार्च 2026 तक जमा करने होंगे। यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया MyGov पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से संचालित की जा रही है। इसका मतलब है कि अब सुझाव देने के लिए डाक भेजने या चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं है। आप सीधे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से आयोग तक अपनी बात पहुँचा सकते हैं।
कब तक मिलेगी ‘गुड न्यूज़’ और कितनी बढ़ेगी सैलरी?
आंकड़ों और विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार, यदि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें स्वीकार की जाती हैं, तो कर्मचारियों के न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Pay) में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि न्यूनतम वेतन जो अभी 18,000 रुपये है, वह बढ़कर 26,000 से 30,000 रुपये के बीच हो सकता है। नियम के अनुसार, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही हैं, इसलिए नई सिफारिशों के 1 जनवरी 2026 से लागू होने की प्रबल संभावना है।
निष्कर्ष: क्यों ज़रूरी है आपका सुझाव?
यह वेबसाइट सरकारी मशीनरी का हिस्सा बनने वाले हर व्यक्ति के लिए एक लोकतांत्रिक अवसर है। आपके द्वारा दिया गया एक सटीक सुझाव भविष्य में ‘पे-स्लैब’ के निर्धारण में बड़ी भूमिका निभा सकता है। यदि आप अपनी सैलरी संरचना में कोई बड़ा बदलाव देखना चाहते हैं, तो आधिकारिक पोर्टल पर जाकर प्रश्नावली का उत्तर ज़रूर दें।
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