Delhi University 08 Attendance rules: जानिए कितनी क्लास जाना है जरूरी!

Delhi University (DU) में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अटेंडेंस नियम बेहद अहम हैं। परीक्षा में बैठने के लिए इन नियमों का पालन करना जरूरी है। आइए, इन नियमों को सरल हिंदी में समझें:

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  1. बेसिक रूल (सेमेस्टर I, III, V):
    • परीक्षा में बैठने के लिए कम से कम 66.67% (दो-तिहाई) अटेंडेंस जरूरी है। यह सभी विषयों (लेक्चर, प्रैक्टिकल, ट्यूटोरियल, प्रेजेंटेशन) की कुल क्लासेज के हिसाब से गिनी जाएगी।
  2. थोड़ी कम अटेंडेंस वालों के लिए राहत (सेमेस्टर II, IV, VI):
    • अगर अटेंडेंस कम से कम 40% है, तो प्रिंसिपल अपने विवेक पर छात्र को परीक्षा देने की अनुमति दे सकते हैं।
    • शर्त: छात्र को अगले सेमेस्टर में पिछले सेमेस्टर की कमी पूरी करनी होगी (दोनों सेमेस्टर की अटेंडेंस मिलाकर)।
  3. छठे सेमेस्टर का खास नियम:
    • अगर पूरे साल (सेमेस्टर V और VI मिलाकर) की अटेंडेंस कम से कम 66.67% है, तो छात्र छठे सेमेस्टर की परीक्षा दे सकता है।
  4. कुछ खास गतिविधियों में भाग लेने वालों के लिए छूट:
    • एनसीसी कैंप, एनएसएस ड्यूटी, सिविल डिफेंस, खेलकूद प्रतियोगिताओं (कॉलेज/विश्वविद्यालय/राज्य/राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर), युवा उत्सव, टेरिटोरियल आर्मी ट्रेनिंग, डिबेट, सेमिनार, सोशल वर्क आदि में भाग लेने के कारण अनुपस्थित रहने पर, उन दिनों की क्लासेज अटेंडेंस में गिनी जाएंगी (शिक्षक और प्रिंसिपल की अनुमति से)।
  5. गंभीर बीमारी या दुर्घटना के मामले:
    • प्रिंसिपल गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण लंबे समय तक क्लास मिस करने वाले छात्रों के मेडिकल सर्टिफिकेट देखकर विचार कर सकते हैं।
    • वे उस अवधि की क्लासेज को अटेंडेंस गणना से बाहर रख सकते हैं (हालांकि, यह छूट कुल क्लासेज का 1/3 हिस्सा ही हो सकती है)।
  6. महिला छात्राओं के लिए विशेष प्रावधान:
    • मैटरनिटी लीव की अवधि की क्लासेज अटेंडेंस गणना में नहीं गिनी जाएंगी।
  7. कॉलेज की जिम्मेदारियाँ:
    • कॉलेज को हर महीने हर छात्र की विषयवार अटेंडेंस नोटिस बोर्ड पर अपडेट करनी होगी।
    • साल के अंत में क्लासेज खत्म होने के 5 दिनों के भीतर फाइनल अटेंडेंस नोटिस बोर्ड पर लगानी होगी।
    • इसके बाद छात्र 5 दिनों के भीतर छूट के लिए प्रिंसिपल को आवेदन दे सकते हैं।
  8. अन्य महत्वपूर्ण बातें:
    • सिर्फ अटेंडेंस ही काफी नहीं है। प्रिंसिपल कॉलेज द्वारा आयोजित टेस्ट्स (लिखित/मौखिक) में सही प्रदर्शन भी जरूरी कर सकते हैं।
    • चेतावनी: प्रिंसिपल के पास अटेंडेंस बहुत कम होने पर या चेतावनी के बावजूद अनियमितता जारी रखने पर:
      • छात्र को उसी क्लास में रोकने (Detain),
      • परीक्षा के लिए न भेजने (Not Send Up), या
      • रजिस्ट्रेशन रद्द करने (Strike off Name) का अधिकार है।

सारांश: DU में पढ़ाई के साथ-साथ क्लास में नियमित रूप से उपस्थित होना बहुत जरूरी है। 66.67% अटेंडेंस का लक्ष्य रखें। किसी विशेष कारण से अटेंडेंस कम हो तो प्रिंसिपल से संपर्क करें और नियमों के तहत उपलब्ध विकल्पों का लाभ उठाएं। हमेशा अपने कॉलेज के नोटिस बोर्ड पर अपनी अटेंडेंस चेक करते रहें।

(नोट: यह एक सरल सारांश है। पूर्ण और आधिकारिक जानकारी के लिए डीयू की वेबसाइट या अपने कॉलेज द्वारा जारी नियमावली देखें।)

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