नमस्ते किसान भाइयों और पाठकों! जानें PM Dhan Dhanya Krishi Yojana क्या है ?
केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना (PM Dhan Dhanya Krishi Yojana) को मंजूरी दी है। यह योजना अगले 6 वर्षों तक चलेगी और विशेष रूप से देश के कृषि-पिछड़े जिलों में क्रांति लाने का लक्ष्य रखती है। आइए, जानते हैं कि यह योजना क्यों खास है और कैसे यह लाखों किसानों की तकदीर बदलेगी।
मुख्य बातें एक नजर में
- अवधि: 6 वर्ष (2025-26 से शुरू)
- बजट: प्रति वर्ष लगभग 24,000 करोड़ रुपये
- लाभार्थी: लगभग 1 करोड़ 70 लाख किसान
- फोकस क्षेत्र: हर राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के कम से कम एक पिछड़ा जिला (कुल मिलाकर लगभग 100 जिले)
किसानों को क्या मिलेगा?
इस योजना का उद्देश्य सिर्फ सब्सिडी देना नहीं, बल्कि कृषि को समग्र रूप से मजबूत बनाना है:
- उत्पादकता बढ़ोतरी: पिछड़े जिलों में फसल उपज बढ़ाने पर जोर।
- फसल विविधीकरण: किसानों को केवल पारंपरिक फसलों से हटकर नकदी फसलें उगाने के लिए प्रेरित करना।
- भंडारण क्रांति: पंचायत और प्रखंड स्तर पर कटाई के बाद के भंडारण सुविधाओं का विस्तार, ताकि किसानों को उपज की सही कीमत मिले।
- सिंचाई सुधार: खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को बेहतर बनाना।
- आसान कृषि ऋण: किसानों को वित्तीय सहायता प्राप्त करना आसान होगा।
कैसे चुने जाएंगे जिले?
जिलों का चयन तीन मुख्य आधारों पर होगा:
- न्यूनतम कृषि उत्पादकता
- कृषि ऋण वितरण में कमी
- कम फसली तीव्रता (कम बार फसल उगाना)
प्रत्येक राज्य में जिलों की संख्या उसके कुल फसली क्षेत्र (Net Cropped Area) और परिचालन जोत (Operational Holdings) के आधार पर तय होगी।
योजना कैसे चलेगी?
- जिलेवार कस्टमाइज्ड प्लान: हर चयनित जिले के लिए उसकी खास जरूरतों के हिसाब से अलग प्रोजेक्ट बनेगा।
- तीन-स्तरीय समितियाँ:
- जिला स्तर: ‘जिला धन धान्य समिति’ बनेगी, जिसमें प्रगतिशील किसान भी सदस्य होंगे। यही समिति जिले की कृषि योजना को अंतिम रूप देगी।
- राज्य स्तर: समन्वय और समर्थन के लिए।
- राष्ट्रीय स्तर: समग्र मार्गदर्शन के लिए।
- राष्ट्रीय लक्ष्यों का ध्यान: जिला योजनाएं फसल विविधीकरण, मृदा व जल स्वास्थ्य, जैविक खेती और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देंगी।
कड़ी निगरानी, स्पष्ट नतीजे
योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र बनाया गया है:
- 117 संकेतकों पर नजर: हर जिले की प्रगति को 117 विशिष्ट मापदंडों पर ट्रैक किया जाएगा।
- रियल-टाइम डैशबोर्ड: केंद्र सरकार एक डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए हर जिले की प्रगति की मासिक निगरानी करेगी।
- नियमित समीक्षा: नीति आयोग जिला योजनाओं की समीक्षा करेगा और हर जिले में तैनात केंद्रीय नोडल अधिकारी भी नियमित फीडबैक देंगे।
क्यों है यह योजना महत्वपूर्ण?
- समान विकास: इसका मकसद पिछड़े जिलों को कृषि उत्पादन और उत्पादकता में विकसित जिलों के बराबर लाना है।
- किसानों की आय बढ़ेगी: उत्पादकता और बेहतर मूल्य वसूली से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
- राष्ट्रीय लाभ: कृषि उपज बढ़ने से देश की खाद्य सुरक्षा और कृषि निर्यात मजबूत होंगे।
- रोजगार सृजन: स्थानीय स्तर पर कृषि और संबद्ध क्षेत्रों (प्रोसेसिंग, भंडारण, परिवहन) में नए रोजगार पैदा होंगे।
- आत्मनिर्भर भारत: यह योजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
निष्कर्ष:
पीएम धन धान्य कृषि योजना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि देश के कृषि-पिछड़े इलाकों के लिए हरित क्रांति का नया अवसर है। केंद्र के 11 विभागों की 36 योजनाओं, राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र के सहयोग से चलने वाली यह पहल किसानों की मेहनत को नई दिशा देगी। अगर आपका जिला इस योजना में शामिल होता है, तो स्थानीय कृषि विभाग से जरूर संपर्क करें और इस समृद्धि की यात्रा का हिस्सा बनें!
जय किसान, जय भारत!
अधिक जानकारी के लिए: आधिकारिक कृषि विभाग की वेबसाइट या अपने जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करें।
FAQ
1. पीएम धन-धान्य कृषि योजना क्या है?
इस योजना के तहत किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक, जैविक खेती के साधन और उन्नत सिंचाई तकनीकों की सुविधा प्रदान की जाती है।
2. पीएम धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना के माध्यम से सरकार कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाकर देश की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
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