India-Pakistan News : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हिंदू पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए हवाई हमले किए। बहावलपुर से लेकर मुरीदके तक के आतंकी प्रशिक्षण कैंपों को निशाना बनाया गया और उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। भारत की जोरदार प्रतिक्रिया से पाकिस्तान दबाव में आ गया और उसने युद्धविराम के लिए गुहार लगानी शुरू कर दी। साथ ही, सीमा पर अप्रैल से पहले की स्थिति बहाल करने की चर्चा भी शुरू हो गई। अब दोनों देशों के सैन्य प्रमुख (DGMO) बुधवार को तनाव कम करने की योजना पर चर्चा करेंगे, जिसके बाद अगले कदम उठाए जाएंगे।

ताजा घटनाक्रम: जानकारी के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान बुधवार तक सीमा पर तैनात सैनिकों की संख्या कम करने के तरीकों पर योजनाओं का आदान-प्रदान कर सकते हैं। इसमें ऑपरेशन सिंधुर के दौरान तैनात किए गए सैनिकों और सैन्य उपकरणों को अप्रैल से पहले वाली स्थिति में वापस ले जाना शामिल है। सूत्रों ने बताया कि सोमवार शाम को दोनों देशों के DGMO के बीच हुई दूसरी वार्ता में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके अलावा, हवाई सीमा उल्लंघन रोकने और एक भारतीय BSF जवान तथा पाकिस्तानी रेंजर के आदान-प्रदान पर भी सहमति बनी, जो गलती से एक-दूसरे के इलाके में चले गए थे।
महत्वपूर्ण समझौते: सेना के अनुसार, भारतीय DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने सोमवार शाम 5 बजे पाकिस्तानी DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला के साथ बातचीत की। यह शनिवार के बाद दोनों के बीच दूसरी बातचीत थी, जिसमें सभी सैन्य कार्रवाइयाँ रोकने पर सहमति जताई गई। इस दौरान यह तय हुआ कि दोनों पक्ष सीमा और अग्रिम इलाकों में सैनिकों की संख्या कम करने के लिए तुरंत कदम उठाएंगे। सेना के बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने यह प्रतिबद्धता दोहराई कि वे एक-दूसरे पर गोलीबारी या आक्रामक कार्रवाई नहीं करेंगे, ताकि तनाव और न बढ़े।
अब क्या?
इन कोशिशों से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है, हालाँकि स्थायी शांति के लिए अभी और वार्ताएँ होनी बाकी हैं। DGMO स्तर पर हो रही बातचीत इस दिशा में पहला कदम मानी जा रही है। दोनों पक्ष सतर्क हैं, लेकिन राजनयिक समाधान की उम्मीदें भी बरकरार हैं।
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