अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते आयात शुल्क (Tarrif) की लड़ाई ने दुनिया भर के बाजारों को हिला दिया है। भारत में भी शेयर बाजारों पर इसका असर दिख रहा है। आज भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ब्याज दरों पर कोई फैसला ले सकता है, जिसकी निवेशक बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका द्वारा चीन पर 104% टैरिफ लगाने की धमकी ने बाजारों में नई उठापटक मचा दी है।

क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आने वाले सामान पर भारी शुल्क लगाया था। जवाब में चीन ने भी अमेरिकी उत्पादों पर 34% टैरिफ लगा दिया। ट्रंप ने 8 अप्रैल तक इसे वापस लेने को कहा, मगर चीन ने मना कर दिया। अब अमेरिका ने चीन के सामान पर 104% टैरिफ का नया ऐलान किया है। इस टकराव का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।
सेंसेक्स–निफ्टी में गिरावट, निवेशक परेशान
बुधवार को शेयर बाजार लाल निशान (गिरावट) के साथ खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 409 अंक गिरकर 73,817 पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 22,460 के स्तर पर खिसक गया। इस गिरावट से निवेशकों के पैसे डूबे हैं। बाजार पर चीन-अमेरिका टकराव, फार्मा कंपनियों पर टैरिफ के डर, और RBI के फैसले का दबाव है।
दवा कंपनियों पर मंडराया खतरा
ट्रंप ने चीन के बाद अब दवाओं पर भी भारी टैरिफ लगाने की बात कही है। अब तक भारतीय फार्मा कंपनियों को अमेरिका में छूट मिली हुई थी, लेकिन अब यह नीति बदल सकती है। Sun Pharma, Lupin, Dr. Reddy’s, Aurobindo Pharma और Gland Pharma जैसी कंपनियाँ, जो अमेरिका को दवाएं बेचती हैं, उनके शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
आरबीआई से क्या उम्मीद?
निवेशकों की नजरें अब RBI पर टिकी हैं। उम्मीद है कि RBI ब्याज दरों में 0.25% की कटौती करेगा। अगर यह कटौती 0.5% तक पहुंची, तो यह बाजार के लिए राहत भरा कदम होगा।
अमेरिकी बाजार भी डावांडोल
इस बीच अमेरिका के शेयर बाजार में भी मंदी का माहौल है। एसएंडपी 500 सूचकांक पहली बार एक साल में 5,000 के नीचे आ गया। यह अपने शीर्ष स्तर से करीब 19% नीचे है, जो मंदी का संकेत देता है।
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क्यों मायने रखती है यह खबर?
दुनिया के बाजार आपस में जुड़े हुए हैं। अमेरिका-चीन के फैसले भारत जैसे देशों को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में RBI का कदम निवेशकों के लिए अगले कुछ दिनों में बाजार की दिशा तय करेगा।



