नई दिल्ली, 4 जून (2025): भारत में कोरोना वायरस (COVID-19) के मामले एक बार फिर चिंताजनक रूप से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, देश में सक्रिय मरीजों की संख्या 4,026 पहुंच गई है, जबकि पिछले 24 घंटे में 5 लोगों की मौत हुई है। केरल (1,416), महाराष्ट्र (494), दिल्ली (393), गुजरात (397) और पश्चिम बंगाल (372) में स्थिति सबसे अधिक गंभीर है।

(COVID-19) क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
विशेषज्ञों के अनुसार, मामलों में वृद्धि के तीन प्रमुख कारण हैं:
- लक्षणों में बदलाव: अब कोविड के लक्षण सामान्य सर्दी-खांसी जैसे दिखते हैं (खांसी, हल्का बुखार, गले में खराश), जिसे लोग नज़रअंदाज़ कर रहे हैं।
- टेस्टिंग में कमी: हल्के लक्षण वाले अधिकांश लोग टेस्ट नहीं करवा रहे।
- सावधानी में ढील: भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क न पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करना।
डॉक्टरों ने क्या चेतावनी दी?
सफदरजंग अस्पताल के डॉ. दीपक कुमार सुमन बताते हैं: “इस बार संक्रमण का स्वरूप बदला है। अधिकांश मरीज़ों में सांस लेने में तकलीफ या ऑक्सीजन की कमी नहीं दिख रही, लेकिन यह वायरस अभी खत्म नहीं हुआ है।”
वहीं, प्रसिद्ध महामारी विशेषज्ञ डॉ. जुगल किशोर ने स्पष्ट किया: *”60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, कैंसर/डायबिटीज़ के मरीज़ या कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग अब भी खतरे में हैं। इन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।”*
सरकार ने क्या तैयारियां की हैं?
- सभी राज्यों को टेस्टिंग बढ़ाने और अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई की जांच का निर्देश दिया गया है।
- दिल्ली, मुंबई, चेन्नई जैसे शहरों के अस्पतालों में कोविड वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।
- स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनता से अपील की है: “घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न बरतें।”
आम लोग क्या करें? विशेषज्ञों की 5 सलाह:
- मास्क है ज़रूरी: बाजार, सिनेमा हॉल या भीड़भाड़ वाली जगहों पर N95/सर्जिकल मास्क ज़रूर पहनें।
- बूस्टर लगवाएं: 60+ उम्र या बीमार लोग बूस्टर डोज तुरंत लगवाएं।
- लक्षणों को न नज़रअंदाज़ करें: खांसी/बुखार होने पर डॉक्टर से सलाह लें और घर पर आइसोलेट हो जाएं।
- सेल्फ-मेडिकेशन से बचें: बिना डॉक्टरी सलाह के दवाएं न खाएं।
- हाइजीन का ध्यान रखें: बार-बार साबुन से हाथ धोएं और सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें।
सबसे अहम बात:
“यह वायरस अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जिन लोगों ने वैक्सीन की तीनों डोज़ ली हैं, उनमें संक्रमण का खतरा 80% तक कम है। इसलिए टीकाकरण अधूरा छोड़ने की गलती न करें।”
— डॉ. जुगल किशोर, महामारी विशेषज्ञ
निष्कर्ष:
हालांकि यह स्थिति 2021-22 जितनी भयावह नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्कता ही बचाव है। सरकारी अस्पतालों में अभी कोविड वैक्सीन निःशुल्क उपलब्ध है। लक्षण दिखते ही स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें ये हेल्पलाइन नंबर डायल करें: 1075 (कोविड हेल्पलाइन)।
(स्रोत: स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत; डॉ. जुगल किशोर का साक्षात्कार; सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी एडवाइजरी)





